जानिए क्या है सम्बंध सर्प के जहर और वियाग्रा में!

Do You Know What’s in Relation Snake Venom and Viagra:- याद है आपको वियाग्रा के फार्मूले का महत्वपूर्ण घटक? -नाइट्रिक आक्साईड, जो रक्त वाहिकाओं को शिथिल कर उनमें रक्त प्रवाहित कराता है जिससे वे फूलते और सख्त हो जाते हैं अब इसी महत्वपूर्ण घटक से युक्त एक मलहम आस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों की टीम ने तैयार किया है जो सांप के काटे हुए स्थान पर लगाने से सांप के जहर के प्रवाह को रोकता है क्योकि काटे हुए जगह की रक्त शिराओं में शोथ (फूलने) से जहर समीपवर्ती बड़ी रक्त वाहिकाओं में देर से पहुँचता है और इतना वक़्त मिल जाता है कि सर्पदंश के दीगर कारगर उपचार को प्रयोग में लाया जा सके यह शोध मशहूर ब्रितानी शोध पत्रिका ‘नेचर’ (June 26, 2011) में प्रकाशित हुई थी

 

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यह देखा गया है कि आस्ट्रेलियाई सापों की कुछ अति घातक प्रजातियाँ जैसे ईस्टर्न ब्राउन स्नेक (Eastern brown Snake) के विष की आणुवीय संरचना के कतिपय अणु बड़े बड़े आकार के होते हैं जो सर्प के काटे हुए जगह/उतकों की महीन शिराओं में से आगे नहीं बढ़ सकते लिहाजा वे आस पास की प्रमुख रक्त वाहिकाओं तक पहुँच जहर का विस्तार शरीर के अन्य भागो में तेजी से करते हैं मगर उन तक पहुँचने के विष प्रवाह मार्ग को ही बाधित कर दिया जाय तो बस काम बन जाये -इसलिए ही वियाग्रा के प्रमुख घटक नाईट्रिक आक्साईड (Nitric oxide) वाले फार्मूले का मलहम बनाया गया और जब इसका काटे हुए स्थान पर लगाया गया तो पाया कि इससे विष के प्रवाह की गति को रोकने में आधे घंटे से एक घन्टे की कामयाबी मिली, जो अत्यंत विषाक्त सर्पो के मामले में मरीज के लिए जीवनदायी हो सकता है

यह महत्वपूर्ण शोध सर्प विज्ञानी वांन हैल्ड़ेन और उनकी टीम ने किया है लेकिन यह खोज भारतीय सर्पो -कोबरा आदि के लिए किसी भी काम की नहीं है क्योकि इन सापों की विष संरचना -संघटन में अणुओं का आकार अपेक्षाकृत छोटा होता है अभी तो इनके लिए बस एंटी वेनम ही एकमात्र कारगर इलाज है!

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