कौन कहता है कि मौत किसी को बता कर नहीं आती…? मौत से पहले यमराज भेजते हैं 4 संदेश!!!

Who Says That Death Does Not Tell Anyone Before His Death Yamaraj Send 4 Message :- कुछ नियम ऐसे होते हैं, जिसे हर किसी को मानना पड़ता है, भले ही वह कोई खास व्यक्ति हो या फिर आम. जैसे सृष्टि के नियम से न सिर्फ़ इंसान बंधा होता है, अपितु भगवान भी उतने ही बंधे होते हैं और उन नियमों का पालन उन्हें भी करना होता है. यही कारण है कि इस धरती पर भगवान राम को भी जन्म लेकर मरना पड़ता है और भगवान कृष्ण को भी, एक ही ज़िंदगी और इसी एक ज़िंदगी में हर इंसान को अपने सारे सपने और इच्छाएं पूरी करनी होती हैं. ज़िंदगी इन्हीं सपनों और भागम-भाग की दौड़ में कटती चली जाती है और हम यह भूल जाते हैं कि मौत को भी हमारे दरवाजे पर एक दिन दस्तक देनी है

yamraj-death

भले ही आपकी इच्छाएं अनंत हैं, अगर आपको पहले से ही पता चल जाए कि आपकी मौत कब होनी है, तो जाहिर है कि आप अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं. आप भले ही आप इस बात से इंकार करें या न मानें परन्तु ये बात सच है कि यमलोक के दूत हर इंसान को यमराज के चार (४) संदेश जरूर भेजते हैं, जो ये याद दिलाते हैं कि आपकी ज़िंदगी का खाता अब जल्द ही बंद होने वाला है

yamraj-death

गौरतलब है कि मृत्यु के देवता, भगवान यम को दक्षिण के लोकपाल (सभी दिशाओं के अभिभावक) के रूप में भी जाना जाता है. हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यम पहले ऐसे प्राणी थे, जिनकी मृत्यु हुई थी. उनकी इन्हीं वरीयता के आधार पर भगवान शिव शंकर ने उन्हें मरने वाले लोगों के शासक के रूप में ताज पहनाया

ऐसा माना जाता है कि मृत्यु के समय आत्मा को स्वर्ग या नरक के द्वार पर ले जाने के लिए यमदूत पृथ्वीलोक पर आते हैं, जहां यमराज के सामने इंसान को उसके कर्मों के लिए आत्मा को फटकार लगाई जाती है. उनके सामने अच्छे-बुरे कर्मों के आधार पर दंड भी दिया जाता है

यमलोक में यमराज इंसान के कामो के आधार पर स्वर्ग और नरक का फैसला करते हैं. प्राचीन शास्त्रों में उल्लेख के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि यमराज ने अपने एक भक्त को अमृत वचन दिया था कि वे हर किसी की मौत से पहले इसकी सूचना भेजेंगे, ताकि लोगों को ज्ञात हो जाए कि उसकी मृत्यु कब होने वाली है और उस बीच में वह अपने सारे अधूरे काम पुरे कर सके

यमराज और अमृत की जबरदस्त कहानी है.

yamraj-death

एक समय की बात है, यमुना के किनारे एक व्यक्ति रहा करता था. जिसका नाम अमृत था वह यम देवता की दिन-रात पूजा किया करता, क्योंकि उसे अकसर अपनी मौत का भय सताता रहता था. मौत को दूर रखने के लिए वह यमराज के साथ दोस्ती करना चाहता था

यमराज अमृत की तपस्या से प्रभावित हुए और जब यमराज प्रकट हुए, तो अमृत ने यम से अमरता का वरदान मांगना चाहा तब यम ने अमृत को समझाया, जिसने जन्म लिया है, उसे एक दिन मरना तो है. यही शाश्वत नियम है. कोई भी मृत्यु से नहीं बच सकता है. अमृत ने कृतज्ञ भाव से यम से कहा कि मैं अपनी दोस्ती के नाते एक और निवेदन करता हूं. अगर मौत को रोका नहीं जा सकता, तो कम से कम जब मौत मेरे बिल्कुल करीब हो तो मुझे पता चल जाए ताकि मैं अपने घर-परिवार के लिए कुछ प्रबंध कर सकूं

yamraj-death

इसके बाद यम ने अमृत को मौत की पूर्व सूचना देने का वादा कर दिया. यम ने इसके बदले में अमृत से कहा कि वह भी वादा करे कि जैसे ही उसे मृत्यु का संकेत मिलेगा तो वह संसार से विदा लेने की तैयारी करना शुरू कर देगा. यह कहने के बाद यमराज अदृश्य हो गए

ऐसे ही साल बीतते गए और अमृत ने यम के वादे से आश्वस्त होकर सारी साधना त्यागकर विलासितापूर्ण जिंदगी जीने लगा था मौत की अब उसे ज़रा भी चिंता नहीं होती थी धीरे-धीरे उसके बाल सफेद होने लगे कुछ साल बादउसके सारे दांत टूट गए, फिर उसकी आंखों की रोशनी भी कमजोर हो गई फिर भी उसे कोई यमराज का कोई संदेश नहीं मिला

इसी तरह, कुछ साल और बीते और अब तो वह बिस्तर से उठने में भी असमर्थ हो गया, उसका शरीर बिल्कुल लकवाग्रस्त जैसी स्थिति में पहुंच गया था लेकिन उसने मन ही मन अपने दोस्त यम को मौत का कोई संदेश न भेजने के लिए धन्यवाद दिया

yamraj-death

पहला संदेश- बालों का सफेद होना, दूसरा संदेश- दांत गिरना, तीसरा संदेश- ज्ञानेन्द्र‌ियों का कमजोर पड़ना, चौथा संदेश- कमर झूक जाना, एक दिन वह हैरान रह गया, जब उसने अपने पास यमदूतों को खड़े देखा. उसने परेशान होकर घर में यमराज का पत्र ढूंढना शुरू किया पर उसे ऐसा कोई पत्र नहीं मिला. जब वह यमलोक पहुंचा, तो उसने यम को मुस्कुराते हुए देखा. और उसने यमराज पर धोखा देने का आरोप लगाया

अमृत ने कहा, आपने मेरे साथ धोखा किया, आपने अपना वादा नहीं निभाया, आपने वादा किया था कि आप मुझे मौत से पहले संदेश दोगे, लेकिन मुझे कोई संदेश नहीं भेजा. क्या आपको अपने दोस्त को धोखा देने में कोई शर्म नहीं आई?

yamraj-death

 

तब यमराज ने विनम्रतापूर्वक कहा, मैंने तुम्हें 4 संदेश भेजे थे लेकिन तुम्हारी लिप्सा और विलासितापूर्ण जीवन शैली ने तुम्हें अंधा बना दिया था. यमराज ने कहा कि तुम बेवकूफ थे,  तुम्हें क्या लगा कि मैं  पेन से कागज पर लिखकर तुम्हे संदेश भेजूंगा, शारीरिक अवस्थाएं ही मेरा पेन है और समय मेरा दूत, जब तुम्हारे बाल सफेद हो गए थे वह पहला संकेत था, जब तुम्हारे सारे दांत टूट गए थे वह मेरा दूसरा संकेत था. तीसरा संकेत जब तुमने अपनी दृष्टि को खो दिया था  और चौथा संदेश था- जब तुम्हारे शरीर के सभी अंगों ने लगभग काम करना बंद कर दिया था लेकिन तुम इनमें से किसी भी संकेत को समझ न सके, तो दोस्तों यह सत्य है कि हर इंसान को अपनी मौत से पहले ये संकेत जरूर  मिलते हैं लेकिन तृष्णाओं और विलासिता में अंधे इंसानों को कोई संकेत समझ में नहीं  आता है! अगर आप भी इन बातों से सहमत हैं, तो इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें और अपने दोस्तों को इस सच्चाई से अवगत कराएं

India Virals से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!