Home खास खबर Can India ever become a Hindu nation? क्या भारत कभी हिन्दू राष्ट्र...

Can India ever become a Hindu nation? क्या भारत कभी हिन्दू राष्ट्र बन सकता है? – नजरिया

0
854

Can India ever become a Hindu nation: सबाल अच्छा है पंरन्तु अभी वक्त इस प्रश्न का ज्यादा है कि क्या भारत भी चीन की तरह तीव्रगति से विकास कर सकता है! क्या भारत के सभी युबाओं को भी उनकी शिक्षा के अनुसार रोजगार मिल सकता है! क्या भारत का मजदुर-किसान वर्ग भी एक खुशहाल जीवन जी सकता है!

Can India ever become a Hindu nation –

क्या भारत में भी लड़ाकू विमान,यात्री विमान, बो फोर्स जैसी तोपों और युद्द के यात्याधुनिक हथियारों, मंगल पर इंसान, अंतरिक्ष में प्रयोगशाला , एपल जैसे मोबाइल फ़ोन, गूगल, फेसबुक, अलीबाबा, अमेज़ॉन , मर्सेडीज़ एम् bmw जैसी कार,फ्रिज, टीवी, माइक्रोवेव, वाशिंग मशीन, बच्चो के खिलौने और चीन जैसे कांच के पुल, समुद्र में बड़ी बड़ी सुरंग बाले रास्ते, कब बनना प्रारम्भ होंगे …?

सायद आपने अपने दैनिक प्रयोग की वस्तुओं पर ध्यान नही दिया, चलो में ध्यान दिलाता हूँ कि आप अपने दैनिक प्रयोग में जितनी वस्तुएं प्रयोग करते हो उनमें से 90% वस्तुएं आयातित है आर्थत उनका निर्माण करने बाली कम्पनियाँ भारतीय नही है! अगर ये सब भारत में हो जाए तो सोचो आपको और आपके परिवार को आपके समाज को और देश को जिसे आप हिन्दू राष्ट्र बनानां चाहते हैं उसे कितना फायदा होगा!

सभी के पास अच्छे रोजगार होंगे, घर होगा, जमीन होगी, भर पेट भोजन होगा, कार होंगी, और जो व्यक्ति की जरूरत है सब कुछ होगा आर्थत आपके साथ साथ आपका देश खुश हाल होगा! अब आप ही बताओ आपको हिन्दू राष्ट्र जल्दी चाहिए या फिर पुनः एक सोने की चिड़िया जिसमे राम राज्य हो! हिन्दू राष्ट्र होना बहुत अच्छा विचार है पंरन्तु क्या आप समझते है कि हिन्दू होने की विचारधारा क्या है…? और उन सभी धर्मों के लोगो का क्या होगा जो भारत के नागरिक है ..?

उनकी नागरिकता किस प्रकार समाप्त करोगे..? उनको देश से बाहर निकाल कर और उनको एक शरणार्थी केम्पों में भेजकर, या फिर देश में विद्रोह लाकर जैसा अरब देशों और पाकिस्तान में होता है! और देश को तबाह करके या फिर सभी धर्मों के लोगों का धर्म परिवर्तन करा कर भारत देश को ऐसा क्या अतिरिक्त मिल जाएगा ..?

Can India ever become a Hindu nation –

सबसे पहली बात तो हिंदू बनते नही पैदा होते है! कोई धर्म परिवर्तन कर हिन्दू नही बन सकता बल्कि हिन्दू होने का एक ही तरीका है वह है व्यक्ति जन्म से ही हिन्दू होता है! यही आपके धर्म की सबसे बड़ी विशेषता है जिसे आप ईस्वर का उपहार ही समझो क्योकि ऐसा किसी अन्य धर्म में नही है! दूसरी बात कि आप अन्य धर्म के भारतीय नागरिकों को किस आधार पर बहार निकालोगे जबकि भारतीय संविधान ने उनको भारत की नागरिकता दी है और इन लोगों ने भारत के संबिधान में आस्था एवं विस्वास जताया है! और तीसरी बात अगर आप सशस्त्र विद्रोह कर इन सभी को भगाओगे या मार डालोगे, तब तो तुम हिन्दू राष्ट्र बना ही नहीं सकते क्योकि आपका धर्म हिन्दू हिंसा, अत्याचार, अमानवीयता, क्रूरता आदि का समर्थन ही नही करता इनके विपरीत भाईचारा, प्रेम,बंधित्व, आदि हिन्दू धर्म के स्थायी स्तंभ है! साथ ही यह धर्म इन्ही की शिक्षा भी देता है!

आप वेद, शास्त्र, उपनिषद, गीता आदि सभी हिन्दू शास्त्र पढ़ सकते हो उनमें से किसी भी किताब में नही लिखा है कि तुम अमानवीय अत्याचार करो, लोगों को सताओ, उनका क्रूरता से दमन करो इत्यादि! एक हिन्दू राजा तो उनको भी अपनी प्रजा मानता है और बंधित्व प्रदान करता है जिनका कोई धर्म ही नही होता जैसे राजा राम ने बन सेना को अपनी प्रजा माना, सभी जंगलियों को अपनी प्रजा माना!

हिन्दू राजा किसी भी अन्य धर्मों के खिलाफ या उनकी उपासना पद्दति के खिलाफ कभी नही थे! अगर ऐसा होता तो बौद्ध, जैन एवं सिक्ख जैसे धर्म भारत की भूमि पर कभी जन्म ना ले पाते!

यही हिन्दू संकृति है , सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे संतु निरामयाः, ॐ द्यो शांति अन्तरिच्छ शांति…, वासुदेव कुटुम्बकम… !

यही कारण है कि विस्व के अन्य धर्म,विस्व के सबसे प्राचीन धर्म हिंदू धर्म की बराबरी कभी नहीं कर पाए! पश्चिमी विद्वान तो हमेसा इसी बात से परेसान दिखते है कि ये धर्म सबसे प्राचीन होते हुए भी अपनी उसी मौलिकता में कैसे बिद्दमान है, और इसी विद्वेष का कारण था कि मैकाले, डफरिन, कर्जन, मिंटो आदि ब्रिटिश शासकों ने इसे तोड़ने का भरपूर प्रयास किया और वर्तमान समय में भी कर रहे हैं!

क्योंकि हिन्दू धर्म विभाजन में नही समामेलन में विस्वास रखता है! ये हिंसा में नही प्रेम में विस्वास रखता है! ये मार्क्स, लेनिन में नही कबीर, जायसी में विस्वास रखता है! ये हिटलर में नही ये गांधी में विस्वास रखता है ये तैमूर या चंगेज खान में नही ये अशोक और अकबर में विस्वास रखता है!

जैसे गीता में श्री कृष्ण कहते है कि विस्व के सभी लोग भिन्न भिन्न प्रकार से पूजा उपसना करते है पंरन्तु सब की उपासना आती मेरे ही पास है! ये है तुम्हारा हिन्दू धर्म जिसकी कॉपी कोई नहीं कर सकता! वो धर्म तुम्हारा नही जिसमे कट्टरता है अमानवीयता है क्रूरता है, और ये मैं पूर्ण विस्वास के साथ बोल सकता हूँ कि दुनिया में प्रलय आने के बाद भी हिन्दू धर्म और इसकी विचारधारा हमेशा रहेगी और अन्य धर्मों के लोगों को आकर्षित करती रहेगी तथा अपने अंदर उनको शांति के साथ साथ अध्यात्म का दर्शन भी कराएगी!

Can India ever become a Hindu nation –

हिन्दू धर्म की ही अच्छाई थी की किसी भी धर्म का शासक इसे मिटा नही सका क्योकि भले ही वह अपने धर्म को मनाता था! पंरन्तु हिन्दू धर्म की विचारधारा से वो हमेसा प्रभावित रहा! बरना मुस्लिम बादशाह और सुल्तानों के लिए भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाने में ज्यादा वक्त न लगता, उन्होंने कौसिस की पंरन्तु जब इसका मर्म जाना तो इसके वो दीवाने हो गए इतिहास में ऐसे तमाम उदाहरण है जिनमे अन्य धर्म के राजाओं ने हिन्दू धर्म को अपनाया सबसे पहला तो महाप्रतापी राजा कनिष्क, हेलियोडोरस आदि!

इसलिए आप अपने धर्म का और भारत भूमि का सम्मान करो! क्योकि आप एक ऐसी भूमि पर जन्मे हो जिस पर देवताओं ने जन्म लिया! और समय समय पर इसकी रक्षा के लिए अवतार भी लिए! ऐसी भूमि बहुत ही अच्छे कर्मों से प्राप्त होती महोदय जिस पर संस्कृतियों का पालना होता है!

विकास की बात करो, उन्नति की बात करो, ख़ुशी की बात करो, आनंद की बात करो, तकनिकी की बात करो! जब इतनी विपरीत परिस्थितियों में भी हिन्दू धर्म समाप्त नही हुआ पुरे 1000 साल तक गैर हिन्दू राजाओं के शासनकाल में, तो अब क्या समाप्त होगा! और आप डरते हो की कहीं हिन्दू धर्म समाप्त ना हो जाए!

ये ऐसे नेताओं के विचार है जो बाजार की तरह प्रचार करते है जैसे बाजार पहले ग्राहक को डराता है और वाद में उस डर से बचने के लिए अपना सामान हिथयार की तरह बेचता है! पेप्सोडेंट करो नही तो दांत ख़त्म, लायफबोय से हाथ नही धोया तो डायरिया, लिवाइस का पेंट नही ख़रीदा तो समाज में बेज्जती इसी प्रकार अगर हिन्दू धर्म को बचाना है तो हमको वोट दो!

दो देश नेपाल और भारत, नेपाल में 81 प्रतिशत हिन्दू रहते हैं और भारत में सिर्फ 79 प्रतिशत ही हिन्दू रहते हैं! पर 2007 के नेपाली संविधान के अनुसार नेपाल भी आज एक सेक्युलर देश बन गया है! और भारत की बात करें तो भारत की राष्ट्रभाषा हिंदी है, हिंदी समझ रहे हैं न आप, हिंदी फ़ारसी,अरबी और देवनागरी इन 3 भाषाओं के मिलने से बना है यानी आप दो धर्मों की भाषा बोलते हैं! और नेपाल सिर्फ अपनी मातृभाषा नेपाली ही बोलता है, जब नेपाल जैसा असली हिन्दू देश हिन्दू राष्ट्र नहीं बन पा रहा तो आप तो आप तो मुस्लिमों की भाषा भी बोलते है तो आप का देश एक सेक्युलर देश ही तो हुआ ना, तो अगर आप भारत को सेक्युलर रहने दें तो वर्त्तमान समय में पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसा बंटवारा नहीं होगा धन्यवाद!

और देखें – What did Modi do : चार साल में नरेंद्र मोदी सरकार ने क्या किया है?

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here