दिल्ली की जहरीली धुंध ये क्या कर रही हैं आपके शरीर के साथ

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Delhi Smog effects human body

Delhi Smog effects human body : वैसे तो हमेशा ही दिल्ली में गन्दी वाली सर्दी पड़ती हैं. पर इस बार की ये सर्दी कुछ अजीब और ज़ादा ही खतरनाक हैं.

Delhi Smog effects human body :

सर्दियों में तो ये देशी या विदेशी visitors के लिए दिल्ली में आना बिमारियों की दुनियां में आने जैसा हैं. यहाँ ठंड की शुरुआत हमेशा जहरीले धुंध से होती है. दिल्ली में air pollution के कारण 30 हजार से भी ज्यादा लोग मर जाते हैं.

Top 5 प्रदूषित शहरों में से एक है दिल्ली दुनिया में.

दिल्ली का प्रदूषण हर सांस के साथ इंसान और जानवरों को परेशान कर रहा है. हर सांस एक जंग की तरह है. 2007-2012 के तक, Sir गंगाराम hospital द्वारा इस दौरान में 10,565 नवजन्मे बच्चो पर रिसर्च की गई. इसमें जन्म देने वाली मां की आदतों को भी देखा गया. जैसे तंबाकू, गुटका या सिगरेट शराब, खाने-पीने की आदत आदि.

Delhi Smog effects human body :

इस स्टडी का नतीजा बहुत चौंकाने वाला था. दिल्ली की हवा में हर साल नए पैदा होने वाले बच्चो का आकर (size) कम हो रहा है. इसे ऐसे समझिये की भ्रूण(Embryo) का विकास कम हो रहा है साथ ही Premature baby भी जन्म ले रहे हैं.

ये भी हैं आंकड़े.

सर गंगाराम हॉस्पिटल, पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया, इंडियन मीटोरॉजिकल डिपार्टमेंट और लंदर स्कूल ऑफ हाइजीन ने 2015 के कुछ ट्रेंड बताए हैं. इस स्टडी में सामने आया है कि लगभग 5 लाख लोग 2015 में समय से पहले मौत का शिकार हुए हैं. कारण? PM 2.5 जो इस वक्त दिल्ली की आबोहवा में घुला हुआ है. हाल ही में जो स्मॉग दिल्ली में है उससे लाखों लोग अस्पतालों में जाकर खराब गले, आंखों में जलन और खांसी की शिकायत कर रहे हैं.

जो लोग बिना शिकायत इसे भुगत रहे हैं वो हैं नवजात बच्चे, वो न शिकायत कर सकते हैं, न ही सांस लेने में दिक्कत को बता सकते हैं.

प्रदूषण के कारण केवल Delhi में ही नए जन्मे बच्चो की संख्या बड़ी में कमी आई है. और जो पैदा हुए हैं उनकी ग्रोथ भी रुकी है. उनका वजन भी कम हो रहा है. बच्चों में शरीर की कमी देखी गई है.

इम्युनिटी सिस्टम काफी बेकार हैं. एक जरा सी बीमारी में भी जान का खतरा हो सकती है. साथ ही ऐसी सांस की बीमारियां भी हो सकती हैं जिससे न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हो जाएं.

15 मिलियन ग्लोबल प्रीमैच्योर जन्म में से 20% भारत में होते हैं. दिल की बीमारियां या हायपरटेंशन उन्हें पैदा होते ही हो सकते हैं आदि हो सकती हैं.

क्या था हॉस्पिटल का हाल.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक दिवाली पर प्रदूषण लेवल बढ़ने पर OPD में AIIMS में 155 केस आए थे ये तारीख थी 25 अक्टूबर. इसके बाद नवंबर 8 जब स्मॉग आ गया था तब 263 केस आए थे.

दिल्ली में जो प्रदूषण हैं इससे सांस के साथ जुड़ी भयानक बीमारियां हो सकती है. और इन बीमारियों से लड़ने की capacity लोगो में कम हो रही है.

हर एक सांस है जिम्मेदार.

दिल्ली में हर एक सांस लोगों को बीमार बना रही है. अगर कोई दिल्ली में एक पूरा दिन रहता है तो वो लगभग 30-50 सिगरेट (एरिया के हिसाब से) पीने बराबर का धुआं सांस के जरिए शरीर में लेगा. स्टडी ने ये बताया कि 1000 पेशंट्स में से 30% सेहतमंद थे, लेकिन उन्हें भी परेशानी हो रही है और आने वाले समय में गंभीर बीमारी हो सकती है.

दिमाग को तकलीफ.

पहला सबसे बड़ा खतरा हैं न्यूरोलॉजिकल (Neurological) बीमारियां. मतलब की दिमाग से जुड़ी बीमारियां. केवल नव जन्मे बच्चे को ही नहीं बल्कि किसी को भी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां होने का खतरा हो सकता हैं.

दूसरा एक बड़ा खतरा अटैक. जो 17% हवा में प्रदूषण होने के कारण बढ़ जाता है. और कई तरह की बीमारियां जैसे हाइपरटेंशन भी हो सकती हैं.

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दिल्ली का प्रदूषण और सेक्स लाइफ.

एक research के मुताबिक दिल्ली में धुंध जैसे प्रदूषण की वजह से लोगों की activity और sex life में 30% की गिरावट आई है. हवा में बहुत सारे मेटल एलिमेंट्स होते हैं. जब ये शरीर में सीधे सीधे जाते हैं तो सेक्स की इच्छा अपने आप ही खत्म हो जाती हैं.

15% पुरुष भारत में लगभग Infertile यानि बच्चे पैदा करने में असमर्थ हैं. इसकी तुलना में महिलाओं का ratio कम है.

Delhi Smog effects human body :

जो प्रदुषण हवा में हैं वो आपके हार्मोन्स का balance भी खराब कर सकते हैं. और इससे sperm count भी कम होगा. ये सिर्फ सेक्स की इच्छा कम होने तक ही सीमित नहीं है. बेहतर होगा कि बहुत सारी लेयर वाला मास्क पहन कर ही बाहर निकलें.

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