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भारत ने जिस F-16 गिराया है उसमे क्षमता थी परमाणु बम की, अगर वो होता तो क्या होता? आइये जानते है

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F-16 that India has dropped had the capability of atomic bomb
Image: Lockheed Martin's F16 Fighter Falcon

F-16 that India has dropped had the capability of atomic bomb: ये सवाल तो उठाना ही है परन्तु साथ में डरावना भी है। पाकिस्तान जैसे गैरजिम्मेदार देश के पास अगर परमाणु बम हो तो वो देश पूरे विश्व के लिए ख़तरा बन जाता है। भय स्वाभाविक है क्योंकि परमाणु बम किसी भी परंपरागत अस्त्र के मुकाबले अत्यधिक प्राणघातक होता है। हमारी कोशिश होगी हर पहलू से इस प्रश्न का उत्तर दे पाए। इसका उत्तर ढूढने के पहले कुछ सवाल करते है!

F-16 that India has dropped had the capability of atomic bomb –

  1. क्या पाकिस्तान सच में ऐसा कर सकता है? क्या कोई ऐसी संधि है जो ऐसी स्थिति को रोकती हो?
  2. क्या F16 लड़ाकू विमान परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है?
  3. क्या प्लेन के दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) होने पर परमाणु बम विस्फोट हो सकता है?
  4. अगर विस्फोट हुआ तो कितना नुक्सान होगा?
  5. इसके बाद भारत के पास क्या विकल्प रह जाते है?
  6. अगर इन प्रश्नों का एक-एक कर के उत्तर तलाशे तो पूरी तस्वीर साफ़ हो जाएगी!

1st : क्या पाकिस्तान सच में ऐसा कर सकता है? क्या कोई ऐसी संधि है जो ऐसी स्थिति को रोकती हो?

अब पहली बात तो यह है कि पाकिस्तान कभी इतना बड़ा जोख़िम नही लेता कि एक वायुयान को परमाणु बम से लैस कर भारत की ओर भेज दे। ऐसा कदम पाकिस्तान के लिए प्राणघातक सिद्ध होता। 1988 में भारत-पाकिस्तान के बीच एक Non-Nuclear Aggression Agreement नामक संधि हुई है जिसकी मुख्य बिंदु इस प्रकार है।

  • कोई भी देश एक दूसरे पर अज्ञात रूप से चौंकाने वाला हमला (surprise attack) नही करेगा और न कि किसी अन्य देश को परमाणु अस्त्रों की सहायता प्रदान करेगा।
  • इस संधि में कोई भी देश एक दूसरे के परमाणु कॉम्प्लेक्स, इमारतों, और संयंत्रों पर हमला नही करेगा। इसी संधि के तहत भारत और पाकिस्तान हर साल एक दूसरे को उनके परमाणु कॉम्प्लेक्स की जानकारी साझा करते हैं। पिछले वर्ष यह जानकारी दिल्ली-इस्लामाबाद में एक साथ साझा की गई।

तो पाकिस्तान इस संधि को तोड़ नही सकता है। अगर तोड़े तो परिणाम तो भुगतना ही है। TV पर कितना भी शोर सुनाई पड़े चाहे जितना जी मे आये तलवार खड़खड़ाये पर दोनों पक्ष परमाणु मामले बहुत गंभीर होते है। इनके बटन सीधे देश के सर्वोच्च नेताओ के हाथ मे होते हैं। इसलिए जरूरी है कि अपना प्रधानमंत्री ज़िम्मेदारी से चुनिए क्योंकि आप न सिर्फ देश का प्रधान मंत्री चुन रहे होते हैं बल्कि एक व्यक्ति के हाथ में न्यूक्लियर बटन भी दे रहे हैं।

2nd : क्या F16 लड़ाकू विमान परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है?

अब यहाँ बात विशेष कर के F16 Fighting Falcon की हुई है। सबसे पहले देखना होगा कि क्या F16 परमाणु अस्त्रों से लैस किया जा सकता है या नही? जी किया जा सकता है पर एक टैक्टिकल हथियार न कि स्ट्रैटिजिक। अभी के लिए इतना समझिये कि टैक्टिकल एक छोटा हथियार होता है जिसका yield कम होता है इसका आकार भी छोटा होता है। स्ट्रैटिजिक परमाणु हथियार भारी होते है उनके लिए विशेष बमवर्षक विमान चाहिए जैसे कि अमेरिकी B2 Bomber या रूसी Tupolev Tu-160 आदि या फिर ICBM मिसाइल।

Image: Lockheed Martin’s F16 Fighter Falcon

पाकिस्तान के पास जो F16 है उसमें ज़्यादा से ज़्यादा B61 जैसा टैक्टिकल हथियार ही लोड किया जा सकता है। इसका yield 0.3 किलोटन से लेकर 300 किलोटन तक हो सकता है। पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किए थे उनमें से अधिकतम यील्ड 40 किलोटन का ही था। पाकिस्तान का बम चुराई हुई डिज़ाइन और तकनीक पर आधारित है। मुझे नही लगता कि उनके पास ऐसा कोई डिवाइस होगा जो कि F16 पर लोड किया जा सके। पाकिस्तान अपनी डिलीवरी के लिए मिसाइल पर ही निर्भर है। पर चलिये मान लेते है कि उनके पास ऐसी तकनीक है तब भी 10 किलोटन से ज़्यादा की क्षमता नही होगी।

Image: B61 nuclear bomb that can be fitted in an aircraft like F16.

क्यों? क्योंकि जैसे जैसे आप yield बढ़ाते है वैसे तकनीकी चुनौतियां भी बढ़ती जाती है। परमाणु अस्त्र yield और डिलीवरी का ही खेल है नंबरों का नही। इसलिए पाकिस्तान के परमाणु अस्त्रों के नंबर से घबराने की ज़रूरत नही है।

3rd : क्या प्लेन के दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) होने पर परमाणु बम विस्फोट हो सकता है?

जितना ख़तरनाक परमाणु बम होता है उसके गलती से विस्फोट होने से बचाने के लिए सुरक्षा तंत्र भी उतना ही मज़बूत होता है। परमाणु बम ज़्यादातर implosion टाइप डिवाइस होते हैं। मतलब बाहर परंपरागत विस्फोटक होते है जो प्लूटोनियम के छोटे छोटे भाग को एक साथ जोड़ कर एक सुपरक्रिटिकल मास बनाते है और न्यूट्रॉन जनरेटर डेटोनशन शुरू करता है। एक परमाणु बम विभिन्न चरणों मे मिल कर बना होता है। इसके डेटोनशन वाला भाग नाभिकीय विखण्डन वाले भाग से अलग होता है। हर चरण पर कुछ सुरक्षा के उपाय होते है जिससे ये गलती से डेटोनेट न हो पाए। मुख्यतः 2 प्रकार के सुरक्षा उपाय होते हैं। मजबूत लिंक और कमज़ोर लिंक। मज़बूत लिंक ऐसा उपाय है जिसमे डेटोनेशन प्रणाली को ही अलग रखा जाता है। कमज़ोर लिंक वो है जिसमें परंपरागत विस्फोट को ही विफ़ल कर दिया जाता है ताकि पहला विस्फोट न हो।

Image: The theory of atom bomb

परमाणु बम बहुत जटिल होते है। सभी विस्फोटों का एक साथ होना जरूरी है वर्ना सफ़ल चेन रिएक्शन शुरू नही हो पायेगा और परमाणु बम एक fizzle bomb बन कर रह जायेगा। अभी तक विमान दुर्घटनाग्रस्त होने पर परमाणु बम विस्फोट नही हुआ है। 1961 में अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में एक विमान ने गलती से 24 मेगाटन के 2 बम गिरा दिए थे। उनमें से एक बम का के सुरक्षा तंत्र काम किया और विस्फोट नही हुआ। विस्फोट न हुआ तब भी यह संभावना रहती है कि ज़मीन पर गिरने से बम की शेल को नुकसान हो और रेडियोएक्टिव प्लूटोनियम का वातावरण में रिसाव हो सकता है यह आस-पास के वातावरण के लिए घातक होगा।

4th : अगर विस्फोट हुआ तो कितना नुक्सान होगा?

अब तक तो काफ़ी हद तक आप आश्वस्त हो गए होंगे कि पाकिस्तान ऐसा नही करेगा और इसकी गुंजाइश भी कम है। पर चलिये फिर भी मानते है कि एक विस्फोट होता है। पाकिस्तान के F16 का मलबा पाक अधिकृत कश्मीर में गिरा था। मैंने सटीक स्थान खोजने की कोशिश की पर मिला नही। मुझे नही लगता 10 किलोटन से ज़्यादा बड़ा बम होगा जो F16 पर लगाया जा सके। मान के चलिये सीमा से 10 किलोमीटर अंदर उनकी ओर ही गिरा। इंटरनेट पर ऐसे टूल्स है जिससे आप विस्फोट का पता कर सकते हैं।

Image: Expected Damage from a Explosion of 10 Kilotons

अगर एक 10 किलोटन का विस्फोट हो तो 0.8 किलोमीटर में सबकुछ तबाह हो जाएगा। 1.6 किलोमीटर तक कि इमारतों को काफ़ी नुकसान पहुंचेगा और 16 किलोमीटर तक कि इमारतों तक ध्वनि और शॉकवेव से इमारतों की कांच की खिड़कियां टूट सकती है पर इससे ज़्यादा नुकसान नही होगा। प्लेन 10 किलोमीटर अंदर गिरा है तो उनका जी ज़्यादा नुकसान होगा भारत की सीमा पर भी शॉक वेव महसूस होगा। पर इन सबसे भी ज़्यादा ख़तरा न्यूक्लियर रेडिएशन का है जो इस बात पर निर्भर करता कि उस समय हवा किस तरफ चल रही होती।

5th : इसके बाद भारत के पास क्या विकल्प रह जाते है?

चूंकि परमाणु हमला किसी से भी छुपता नही है भारत के पास अधिकार होता कि वो जवाबी कारवाई करता। भारत अब स्वतंत्र होता किसी भी तरह का जवाब देने के लिए। अमेरिका, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, रूस, और चीन सहित संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य भारत से हमला न करने का आग्रह करते। भारत हमला न भी करता तब भी पाकिस्तान का पूरा परमाणु कार्यक्रम ख़त्म समझिये। विश्व से सभी देश पाकिस्तान पर ऐसा प्रतिबंध लगते कि पाकिस्तान जा जीना दूभर हो जाता। भारत या तो हमला कर सकता है या एक डील। डील में सारे आतंकवादी संगठन का खात्मा और उनके सरगनाओं को भारत और अन्य देशों में प्रत्यर्पण शामिल हो सकता है। भारत इन सबको ठुकरा कर हमला भी कर सकता है, ईश्वर ना करे कि भविष्य में कभी कोई ऐसा दिन आये जब विश्व के किसी भी देश को इन अस्त्रों का प्रयोग करना पड़े।

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