राहुल व लालू की मुलाकात से बिगड़ा खेल, कांग्रेस के लिए बंद हो गए इस दल के दरवाजे..

0
106
Rahul Lalu meet bad game

Rahul Lalu meet bad game: 2019 के चुनाव से पहले एक संभावना बन रही थी, नीतीश कुमार मनमाफिक सीट न मिलने की स्थिति में NDA से अलग होकर कांग्रेस के साथ चुनाव मैदान में जा सकते हैं, राहुल गांधी व लालू प्रसाद यादव की मुलाकात ने उस संभावना को भी समाप्त कर दिया.

Rahul Lalu meet bad game

Rahul Lalu meet bad game

राहुल गांधी की मुलाकात के बाद की स्थिति

बिहार में 2019 लोकसभा चुनाव की स्थिति अब लगभग स्पष्ट होती दिख रही है। इस बार बिहार में चुनाव दो ध्रुवीय ही होगा। लोकसभा चुनाव को त्रिध्रुवीय होने की जो संभावना पिछले कुछ दिनों में दिखी थी, अब वह धुंधला होता दिख रहा है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से AIIMS में इलाज के दौरान राहुल गांधी की मुलाकात के बाद की स्थिति से तो कुछ ऐसा ही होता दिख रहा है।

इशारा साफ है कि 2019 में कांग्रेस किसी अन्य दल की बजाए अपने आजमाए साथी राष्ट्रीय जनता दल के साथ ही जाने को तैयार है.

Rahul Lalu meet bad game

2019 की तस्वीर देखें तो नीतीश कुमार को NDA में रहने के अलावा

बिहार के राजनीतिक गलियारे में पिछले कुछ दिनों से एक चर्चा चल रही थी कि कांग्रेस लालू प्रसाद यादव को छोड़ सकती है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जेल में बंद लालू प्रसाद यादव और भ्रष्टाचार के आरोपों में लगातार घिर रहे तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस नहीं जाना चाहेगी। ऐसे में उनका सबसे पसंदीदा साथी नीतीश कुमार हो सकते थे। नीतीश कुमार के साथ कांग्रेस से गए पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार चौधरी को मध्यस्थ बनाए जाने की भी चर्चा थी।

राहुल व लालू की मुलाकात ने इन संभावनाओं पर पानी फेर दिया है। अब अगर लोकसभा चुनाव 2019 की तस्वीर देखें तो नीतीश कुमार को NDA में रहने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है.

Rahul Lalu meet bad game

अगर JDU तीन सीटों पर चुनाव लड़ने से इंकार करती

Rahul Lalu meet bad game

बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 22 पर BJP का कब्जा है। इन सीटों पर BJP का दावा एक बार फिर रहेगा। इसके अलावा तीन अन्य सीट पर BJP अपना दावा करेगी। इसके अलावा LJP अपने छह जीते सांसदों की सीटें चाहेगी और दो अन्य सीटों पर दावेदारी करेगी। RLSPA के तीन सांसद हैं और लोकसभा चुनाव में वह चार सीटों का दावा करेगी। ऐसे में JDU के खाते में महज तीन सीटें ही बचेंगी। अभी JDU के दो सांसद हैं। अगर JDU तीन सीटों पर चुनाव लड़ने से इंकार करती है

तो देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या समीकरण बनता है। दूसरी तरफ, BJP लालू यादव व राहुल गांधी की मुलाकात को भ्रष्टाचार के प्रति कांग्रेस के समर्थन के रूप में प्रचारित करना शुरू किया है। इसका भी उन्हें लाभ मिलेगा.

और पढ़े: अगर आप भाजपा समर्थक हैं तो ये आंकड़े देख कर आपके सच में होश उड़ जाएंगे..

——

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here